Friday, 26 April 2019

Coffee आणि बरच काही..

एक टेबल, दोन roses, white cups आणि बरच काही..
काही गप्पा, काही थट्टा, काही smiles आणि बरच काही..
कुठे चव, कुठे नजर, कुठे style आणि बरच काही..
तो सुगंध, तो श्वास, तो touch आणि बरच काही..
ते केस, ती चाल, तो साज आणि बरच काही..
ती तू , हा मी, ती coffee आणि बरच काही..

...सुमित जेजुरीकर

Monday, 1 April 2019

भारत का सबसे बडा त्योहार...

आजकल हर जगह नया मौसम छाया है।
सुना है भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

कल तक जो कर रहें थे एक दूसरे की बुराई।
आज वोह बने है एक दूजे के भाई भाई।
बस मुंह में तारीफों के पुल बांधने का अवसर पाया है।
सुना है भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

कल तक हम बस दोस्त थे आज हम प्रतिद्वंदी है।
कलतक सब थे इंसान आज हिन्दू, मुसलमान और सिंधी है।
आज धर्म,जाती और पंथ को पहचानने का समय आया है।
सुना है मेरे भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

खेल तो वैसे यहां रोज चलता है।
कभी इधर से कभी उधरसे कीचड़ उछलता है।
बस आजकल सबने थोड़ा ज्यादा करने का मन बनाया है।
सुना है मेरे भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

पाच साल तो बस छलावा है।
हमे तो सबने सालों साल लूटा है।
आजकल बस हिसाब मांगने का समय आया हैं।
सुना है मेरे भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

सबको मिला अधिकार बड़ा है।
पर कोई सोचता संकुचित और कोई भला है।
बस अधिकार को समझने का प्रयास कड़ा है।
सुना है मेरे भारत का सबसे बड़ा त्योहार आया है।

...सुमित जेजुरीकर