आज कुछ पुरानी यादों से रिश्ता सा टूट गया।
जब किसीने तेरी याद दिलाई और मैं तेरा नाम भूल गया।मेरी दिल की किताब का पन्ना सा फट गया।
जब तेरी बातों को याद करने की कोशिश करना पड गया।
कुछ राहों का पता जब नक्शों से मेरे मिट सा गया।
जब उन रास्तों की गलियों से में गुजरना सा भूल गया।
आसमानों से कुछ तारों का झुंड सा हट गया।
जब उनमें नजर सा आनेवाला तेरा चेहरा में भूल गया।
...सुमित
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