तू शक्ति है संवर्धिनी, तू ही विनाशक धारिणी, बस तेरी ताकद जान तू, किसीसे झुकना ना मान तू, तू ही लक्ष्मी दुर्गा तू ही, सरस्वती और काली भी तू, बस तेरी सुबह जान तू, रात का अंधेरा भी कुछ नहीं, जान ले अबला न तू, महिला भी है महान तू।
.....सुमित जेजुरीकर
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