Wednesday, 22 January 2025

रूठना मनाना

 Poet:

"मान भी जाओ अब तो, तुम खफ़ा न हुआ करो,

दिल से मोहब्बत है तुमसे, ये इज़्हार न भुला करो।

ज़िंदगी बेकार सी लगती है तुम्हारी मुस्कान के बग़ैर,

थोड़ा प्यार से मुस्कुरा दो, बस यूं न रूठा करो।"

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Wife:

"मोहब्बत तो तुम्हारी समझ में है, पर हर बार क्यों यही बात है?

मनाने की ज़रूरत पड़ी क्यों, जब हम कभी एक पन्ने पर नहीं रहते साथ है।

हर बात पर टकराव, हर बात पर बहस का सिलसिला,

तुम्हारी हर कोशिश के बावजूद, दिल आज बहुत ज़्यादा खफ़ा है।

मत समझो कि तुम्हारे अल्फ़ाज़ हर बार पिघला देंगे गुस्सा मेरा,

अब ये इतनी आसानी से न सुलझेगा हिसाब तुम्हारा।"

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Poet:

"लिखे कई नग़मे आपके लिए,

वो बस 'वाह, अच्छा' कहके चल दिए।

रिश्ता हमारा खुशबू सा है, कांटे तो गुलाब में भी हैं,

मोहब्बत और एहतराम ज्यादा है, शिकवे तो सिर्फ हिसाब के ही हैं।

Poet:

माना के झगड़े हैं, और बातों में अलग-अलग नज़रिया है,

पर दिल के रिश्ते में हर बार जीतता सिर्फ प्यार का दरिया है।

अगर मुस्कुरा दो तुम, तो मिट जाए हर ग़म,

तुम्हारे बिना न ये दिल लगता है बिल्कुल सनम।

बातें जो कमियां लाती हैं, उन्हें भुला देते हैं,

आओ मिलकर इस रिश्ते को और खूबसूरत बना देते हैं।"

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Wife:

"शेरों-शायरी में बात बनाना तुम्हारी अदा है,

पर हर बार ये करना कितना भला है।

आदतें तुम्हारी, तुम्हारा गुस्सा भी बदलना होगा,

क्योंकि रिश्तोंको सिर्फ मनाने से नहीं, सुधार से संवारना होगा।

तुम्हारे जज़्बात मैं समझती हूँ, पर ये कहना ज़रूरी है,

कि मोहब्बत के साथ ज़िम्मेदारी निभाना भी ज़रूरी है।"

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Poet:

"सही कहती हो तुम, ज़िम्मेदारी से बढ़कर कुछ नहीं,

तुम्हारी नसीहत से ही तो रिश्ते में रोशनी है, पर इतना रूठना भी सही नहीं।

वादा करता हूँ मैं, कुछ आदतें और गुस्सा काबू में रखूँगा,

इस रिश्ते को हर रोज़ नए सिरे से प्यार से सजाऊंगा।

अब मुस्कुरा दो, मेरी जान, ये दिल तुम्हारी हंसी के बिना अधूरा है,

जहान मेरा, तुम्हारे ख़्वाबों के रंगों के बिना, कहां पूरा है।"


:लिखित एवं अनुभूति ... सुमित जेजुरीकर 


Meaning of Urdu Words Used:

1. खफ़ा – नाराज़

2. इज़्हार – अभिव्यक्ति

3. एहतराम – इज़्ज़त/सम्मान

4. अल्फ़ाज़ – शब्द

5. नसीहत – सलाह

6. दरिया – नदी/सागर

7. ख़्वाब – सपने

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